क़ीमत सिर्फ 20सोनीपत के कुंडली क्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ऑटो चालक के साथ हुई बेरहमी की यह घटना बताती है कि आज के समाज में गुस्से का स्तर कितना बढ़ गया है। जहाँ एक तरफ हम आधुनिकता की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ एक गरीब की मेहनत और उसके खून की क़ीमत सिर्फ 20 रुपए तय की जा रही है।विवाद की शुरुआतपीड़ित अनिल, जो गांव कवाली का रहने वाला है, रोज़ की तरह अपने ऑटो से सवारियां ढोकर परिवार का गुजर-बसर कर रहा था। सोमवार को वह कुंडली बॉर्डर से कुछ सवारियों को लेकर चला था। उसे क्या पता था कि जिस सफर पर वह निकला है, उसकी क़ीमत सिर्फ 20 रुपए के विवाद में जानलेवा हमले के रूप में चुकानी पड़ेगी। जैसे ही ऑटो नाथूपुर गांव के पास पहुँचा और सवारियां उतरने लगीं, अनिल ने अपना हक मांगा।जानलेवा हमलाअनिल ने जब नियमानुसार किराए की मांग की, तो सवारियों के रूप में बैठे दो युवक आपा खो बैठे। विवाद इतना मामूली था, लेकिन उन युवकों के सिर पर सवार खून ने यह नहीं देखा कि उस किराए की क़ीमत सिर्फ 20 रुपए ही तो थी। उन्होंने पैसे देने के बजाय अनिल पर बेल्ट और चाकू से हमला कर दिया। अनिल के शरीर पर कई जगह गहरे घाव आए और वह लहूलुहान हो गया। यह घटना चीख-चीख कर कह रही है कि हमलावरों की नज़र में एक इंसान की जान की क़ीमत सिर्फ 20 रुपए से भी कम थी।क्या है पूरा मामला मिली जानकारी के अनुसार, गांव कवाली का निवासी अनिल ऑटो चलाकर अपना गुजारा करता है। सोमवार को अनिल कुंडली बॉर्डर से सवारियां लेकर सोनीपत की तरफ निकला था। जब उसका ऑटो नाथूपुर गांव के पास पहुँचा, तो वहां सवारियों को उतारते समय उसने अपना किराया माँगा।समाज का गिरता स्तरअक्सर बड़े शहरों में छोटी-छोटी बातों पर बड़े विवाद हो जाते हैं, लेकिन सोनीपत की यह वारदात रूह कँपा देने वाली है। क्या हम इतने हिंसक हो गए हैं कि किसी के जीवन की क़ीमत सिर्फ 20 रुपए के बराबर रह गई है? यह केवल दो युवकों का अपराध नहीं है, बल्कि उस मानसिकता का परिणाम है जहाँ लोग दूसरों के श्रम का सम्मान करना भूल गए हैं। जब हमलावर चाकू चला रहे थे, तब शायद उनके दिमाग में उस मामूली रकम की क़ीमत सिर्फ 20 रुपए ही घूम रही थी जिसके लिए वे अपराधी बनने को तैयार थे।किराए की जगह मिले चाकू के वार अनिल ने जब सवारियों से महज 20 रुपये किराए की मांग की, तो दो युवक तैश में आ गए। विवाद इतना बढ़ा कि युवकों ने किराए के पैसे देने के बजाय अनिल पर चाकू और बेल्ट से हमला कर दिया। हमले के दौरान अनिल के शरीर पर कई जगह घाव आए हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।पुलिस की कार्रवाईघायल अनिल ने हिम्मत नहीं हारी और खून से लथपथ होने के बावजूद खुद अस्पताल पहुँचा। डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया और उसकी जान बचा ली। सूचना मिलने पर कुंडली थाना पुलिस ने पीड़ित के बयान दर्ज किए और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के सामने चुनौती है कि वह उन लोगों को सबक सिखाए जो समझते हैं कि कानून की क़ीमत सिर्फ 20 रुपए के बराबर है और वे किसी पर भी हाथ उठा सकते हैं।निष्कर्षअनिल जैसे मेहनतकश लोग हमारे समाज की रीढ़ हैं। उनके पसीने की कमाई को इस तरह खून में मिला देना घोर निंदनीय है। हमें समझना होगा कि न्याय और इंसानियत की क़ीमत सिर्फ 20 रुपए नहीं हो सकती। उम्मीद है कि पुलिस प्रशासन जल्द ही दोषियों को सलाखों के पीछे भेजेगा ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी तुच्छ बात पर हिंसा करने की हिम्मत न कर सके।more latest newsहरियाणा: स्टेशनों पर बम की धमकीVaibhav vs Starc: आईपीएल का वो महा-मुकाबला जो क्रिकेट की दुनिया में तहलका मचाने वाला है Post navigationहरियाणा: स्टेशनों पर बम की धमकी रूस-यूक्रेन युद्ध और मौत